Wednesday, August 28, 2024

व्यक्ति का दोहरा जीवन होता है - एक सार्वजनिक जीवन तथा दूसरा निजी जीवन!

व्यक्ति का दोहरा जीवन होता है - एक सार्वजनिक जीवन तथा दूसरा निजी जीवन!


जी हां मित्रों। प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में दो अलग-अलग पहलू होते हैं—एक सार्वजनिक और एक निजी। इन दोनों जीवनों में अंतर होने के कारण कुछ लोग यह मान सकते हैं कि अधिकांश लोग मानसिक दृष्टि से "दोहरी मानसिकता" या "सीजोफ्रेनिक" होते हैं। हालाँकि, इसे वास्तविक सीजोफ्रेनिया से तुलना करना गलत है, क्योंकि यह मानसिक विकार अलग और विशिष्ट है।


1.जीवन में निजी और सार्वजनिक जीवन का द्वैत होता है:


हर व्यक्ति के जीवन में एक सार्वजनिक पक्ष होता है, जो कि समाज, कार्यस्थल, मित्रों और बाहरी दुनिया के लिए होता है। इस जीवन में व्यक्ति अक्सर सामाजिक मानदंडों और अपेक्षाओं के अनुरूप व्यवहार करता है। दूसरी तरफ, निजी जीवन में वह अपने वास्तविक विचारों, भावनाओं और अनुभवों को व्यक्त करता है, जो अक्सर सार्वजनिक रूप से प्रकट नहीं किए जाते।


2. हर व्यक्ति से जुड़ी सामाजिक अपेक्षाएँ और व्यक्तिगत वास्तविकता:


सामाजिक जीवन में, व्यक्ति को कई भूमिकाएँ निभानी पड़ती हैं, जैसे कि एक माता-पिता, कर्मचारी, मित्र, या नागरिक। इन भूमिकाओं के साथ जुड़े दायित्व और सामाजिक अपेक्षाएँ अक्सर व्यक्ति को उसके वास्तविक विचारों और भावनाओं को छुपाने के लिए मजबूर करती हैं। दूसरी तरफ, निजी जीवन में व्यक्ति स्वतंत्र होता है और अपने वास्तविक व्यक्तित्व को जीता है।


3. मनोरोग के रूप में वास्तविक सीजोफ्रेनिया:


सीजोफ्रेनिया एक गंभीर मानसिक विकार है जिसमें व्यक्ति वास्तविकता और काल्पनिकता के बीच भेद करने में कठिनाई महसूस करता है। इसमें अक्सर भ्रम, मतिभ्रम, अव्यवस्थित सोच और असामान्य व्यवहार शामिल होते हैं। यह एक चिकित्सा स्थिति है, जो जीवन के विभिन्न पहलुओं में गंभीरता से हस्तक्षेप कर सकती है।


4.व्यक्तित्व में दोहरापन द्वैत और मानसिक स्वास्थ्य:


यद्यपि अधिकांश लोग अपने जीवन के विभिन्न पहलुओं में  दोहरापन द्वैत का अनुभव करते हैं, लेकिन यह मानसिक विकार का संकेत नहीं है। सार्वजनिक और निजी जीवन का अंतर मानव स्वभाव और सामाजिक संरचना का एक सामान्य हिस्सा है। यह केवल एक प्रकार का सामंजस्य है, जो व्यक्ति अपने जीवन में बनाए रखता है।


सामान्य जीवन की परिस्थितियों में अनुकूल प्रतिकूल प्रभाव पड़ता ही है।

हालाँकि, निजी और सार्वजनिक जीवन के बीच का द्वैत एक सामान्य मानव अनुभव है, इसे सीजोफ्रेनिया या मानसिक अस्थिरता से जोड़ना उचित नहीं है। वास्तविक सीजोफ्रेनिया एक चिकित्सा स्थिति है, जिसकी तुलना सामान्य जीवन की जटिलताओं से नहीं की जा सकती।


हर किसी का दोहरा जीवन होने का मतलब यह नहीं कि व्यक्ति मानसिक रूप से अस्थिर है; बल्कि यह मानव स्वभाव की जटिलता और सामाजिक संरचना का हिस्सा है।

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